चांद के जैसे अब उनके दीदार हो गए,
इस कदर वो हमसे निसार हो गए।
लौट कर आए घर वापस तब तक,
वो हमारे मेहमान हो गए।
हम कवारनटाइन क्या हुवे ,
उनके हाथ पीले हो गए।
चांद के जैसे अब उनके दीदार हो गए,
इस कदर वो हमसे रुखसार हो गए।
जो कभी एक पल नहीं रहा करते थे,
आज वो पूरे बे ईमान हो गए।
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