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बेटी दिवस की शुभकामनाएं
नही पढी लिखी थी मां मेरी ना उसने कभी ये बधाई दी बेटी होने पर मेरे भी ना उसने जग मे मिठाई दी हो सकता समय पुराना था मोबाइल ना उसके हाथो मे था...
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नही पढी लिखी थी मां मेरी ना उसने कभी ये बधाई दी बेटी होने पर मेरे भी ना उसने जग मे मिठाई दी हो सकता समय पुराना था मोबाइल ना उसके हाथो मे था...
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कई जन्म के पुण्य हमारे, जब संचित हो जाते हैं। तब पुत्री के रूप में कोई, कन्या को हम पाते हैं।। सहज नही होती है कन्या, करुणा की अवतारी है। शक...
बहुत खूब
ReplyDeleteTxs🙏
DeleteSuper👌👌👌
ReplyDeleteTxs dear,💐🌹
Deletewowwww
ReplyDeleteTxs🙏
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