आज जब हमारे देश मे कही परिवर्तन हुवे लोगो ने कही परम्पराओ को गलत साबित कर उसे बदला और तभी हमारे देश ने बहुत विकास किया और मै उन सभी लोगों का पूरे देश की तरफ से धन्यवाद देना चाहूंगी जिन्होंने देश के बदलाव में योगदान दिया हमारे देश मे सती प्रथा छुवाछुत वर्ग भेद आदि कही प्रथाएँ तो समाप्त हो गई लेकिन अब में आपका ध्यान एक ऐसी प्रथा या ये कहे कि लोगो के अंधविश्वास की ओर ले जाना चाहुगी जो लोगो को अपने कर्म के मार्ग से भटकाने में लगा है ये लोग कह सकते है कि एक तरह से मानसिक रोगी होते है या फिर वो लोगो को भटकाने के लिए इसतरह करते है अधिकतर ये बाते या रीत गाँवो में या जो अंधविश्वास में होते है उन्ही के साथ होती है इस मे वो लोग ये साबित करते है कि जिस इंसान के साथ गलत हो रहा या उन्हें दुख या किसी चीज़ की कमी है तो वो उनके ही परिवार के कोई व्यक्ति जो अब इस दुनिया मे नही रहा उस के कारण हो रहा है और मरने के बाद उसकी आत्मा वो अपने शरीर मे आने की बात बोलने लगता है और उस बीच बहुत से काम जैसे सर हिलाना ओर अब तेरा ये काम हो जाये गा तू ये रात्रीजागरन खाना करना ऐसी बहुत सी बात बोलता है और उस परेशान इंसान को ओर परेशान करने में अपनी तरफ से कोई कमी नही करता मेने ये बात जब महसूस की तो मुझे लगा कि जो इंसान अपने जीवित होने पर हमेशा अपनो को देने के लिए क्या कुछ नही कर जाता वही इंसान मरने के बाद क्या उसे ही दुख दे सकता है ये बात में आप सब से भी पूछना चाहूंगी
2 दूसरी बात ये की जब इंसान के शरीर मे एक आत्मा पहले ही है तो दूसरी कहा रहेगी
3ओर हमारे ग्रंथो वेदों पुराणों ओर गीता में तो स्वयं श्री कृष्ण भगवान ने कहा कि इंसान की आत्मा नही मरती शरीर मरता है और जिस तरह हमारे कपड़े फटने पर हम नए लेते है उसकी तरह ही आत्मा भी नए शरीर को धारण करती है
4 जब ये सारी बाते साफ साफ है तो लोग किस तरह इन मानसिक रोगियों की बातों में आकर अपना काम धाम छोड़ के इनके पीछे लग जाते है हमे ऐसे किसी के बहवकावे में आने से अच्छा अपना काम को प्रगति की तरफ ले जाने का प्रयास करे
एक बात और ईश्वर ने आपको इस धरा पर भेजा और साथ मे भेजा भी दिया और वो इसलिए दिया कि अब आपको उस ईश्वर पर निर्भर ना रहते हुवे अपने भेजे का उपयोग कर अपनी जिंदगी को अच्छा बनाना है और अपना कार्य करना है किसी पर निर्भर नही रहना ओर इस परिवर्त्तन की बहुत आवश्यकता है समाज और देश मे ताकि हमारी युवा पीढ़ी आगे बढ़ सके अंधविश्वास में ही गिरी ना रहे और हर बात के लिए मेहनत करे ना कि भगवान के भरोसे बैठे या किसी ढोंगी के जाल में फसे
एक परिवर्त्तन सोच के साथ🙏🙏
Nice
ReplyDeleteTxs bat ye badlaav jaruri hai
Deleteएक दम सत्य बात है mam
ReplyDeleteTxs
Deleteजय हो, जय हो
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