Saturday, 26 January 2019

जिंदगी एक पहली

जीवन एक वो पहली है| जिसका जवाब भी हम है और सवाल भी हम हैं| बस सवाल को सही समझ के सही जवाब देना है |तो जिंदगी बड़ी ही आसान लगने लगती है| लेकिन कही भी हमने गलती कर दी तो सारे उत्तर गलत ही होते जाए गए रास्ता मंजिल सब हमको बनाना और ढूंढना है |किसी के भरोसे अगर बैठे तो सोच लो कि फिर तो बहुत पीछे रहे जाएगे ये जिंदगी भी बड़ी बे मतलब की लगती है |अब तो जनाब क्यो की जब हम सवाल समझ ही नही पाए तो जवाब क्या देगे जीवन मे मुश्किले किसी के भी कम नही है |बस ये सोच ले कि मेरे पास सब से ज्यादा है |तो फिर आप तभी हार गए और हारने वालो को जीतने ये दुनिया नही देती यहां सिर्फ़ जितने वालो के लिए जगह है| और हमे भी अपनी एक जगह बनानी है |कुछ अच्छे के साथ तो कभी अच्छा सोचने और करने से पीछे मत हटो किसी का इंतजार करे कि वो कुछ करेगा तो ये भी संभव नही है| क्यो की सब के सवाल ओर जवाब इस दुनिया के अलग अलग है| बस हमे अपने कर्म और काम पूरा 💯%सही और दूसरों का भला करने में करना है साथ ही भगवान ने तुम्हे सब दे के इस धरती पर भेज दिया है |बाकी आगे का काम तुम्हे अपना अच्छा अपने परिवार और लोगो का अच्छा सोच के स्वयं करना है|अब भी उसके भरोसे तुम रहते हो कुछ नही करते तो इसमें जवो कही गलत नही है|
🌷"जीवन मे कभी पतझड़ तो कभी सावन आएगा
बस तो पतझड़ में भी सावन की कोशिश कर
तू हार मत तो वो पतझड़ खुद ही चला जायेगा"|🌻

Monday, 24 December 2018

माँ

आज से ये कुछ दिन बहुत दुख भरे रहे
बिन माँ के कैसा लगता है ये अहसास
बहुत ही दुख भरा था काश माँ एक
बार आप फिर कुछ बोल देती ओर
में फिर आप से बहस कर पाती
काश आप फिर वो फिकर करती
ओर में आपको देख पाती क्यो
इतना जल्दी आप हम से दूर चली
गयी क्यो एक बार आपको हमारी

याद ना रही किस तरह रहे आपके
बिन बस ये सोच के दिल दुखी है
क्या जीवन होगा आप के बिन
इसकी तो कभी कल्पना भी नी
करि थी आप तो भगवान को
बहुत मानती थी तो क्या आप
के उस भगवान को हम छोटे
बच्चो पर दया नही आई किसी
के तो माँ उनके बुड्ढे होने पर भी
उनके साथ होती है और हमारी
माँ को इतना जल्दी बुला लिया
उसने सच कोई भगवन है ही नही
कोन हमको सब बातों को समजायेगा
कोंन हमको डाट में भी प्यार देगा
कोंन सबका ख्याल रखेगा
कोंन हमारी फिकर करेगा
काश आपकी जगह में
चली जाती और आप बस
यही रहती सब के उदास
चेहरे देखे नही जाते आपके
बिना जीने में कुछ नही लगता

बेटी दिवस की शुभकामनाएं

 नही पढी लिखी थी मां मेरी ना उसने कभी ये बधाई दी बेटी होने पर मेरे भी ना उसने जग मे मिठाई दी हो सकता समय पुराना था मोबाइल ना उसके हाथो मे था...